भोपाल । कोरोना काल में मंदी से जूझ रहे प्रदेश के उद्योग-धंधे अब पटरी पर आने लगे हैं। राज्य सरकार को उम्मीद है ‎‎कि नए साल में नौक‎रियों के रास्ते खुलेंगे और प्रदेश से बेरोजगारी दूर होगी। भोपाल संभाग में स्थित दो प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र मंडीदीप एवं गोविंदपुरा के आइटी, फार्मा और फेब्रिकेशन से जुड़े उद्योगों में वर्ष 2021 में हजारों नई नौकरियों के रास्ते खुलेंगे। इन क्षेत्रों की दिग्गज कंपनियां युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराएंगी। इससे लोग रोजगार से जुड़ेंगे और समृद्ध होंगे।दोनों औद्योगिक क्षेत्रों में 1500 से अधिक छोटे-बड़े उद्योग हैं, जहां 85 हजार से अधिक लोग काम करते हैं। कोरोना संक्रमण के शुरुआती दौर में कारखाने लगातार ढाई महीने तक बंद रहे। जून में कारखाने खुले जरूर, पर मजदूरों की कमी और ऑक्सीजन सप्लाई ठप होने से 600 से अधिक उद्योग डेढ़ महीने तक प्रभावित हुए। अब सारी मुश्किलों से पार पाते हुए दीपावली के बाद से उद्योग फिर रफ्तार पकड़ने लगे हैं। मंडीदीप की बड़ी कंपनियों ने युवाओं को रोजगार देने के लिए कार्ययोजना बनाई है। आगामी समय में ट्रैक्टर के बड़े उद्योगों में रोजाना 700 ट्रैक्टरों का निर्माण होगा, इसलिए वहां पर कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। आइटी सेक्टर की कंपनियों में एक हजार आईटी इंजीनियरों के लिए नौकरी के दरवाजे खुलेंगे। इसी तरह गोविंदपुरा में भी बड़े प्रोजेक्ट पर काम होने लगा है, इसलिए वहां भी रोजगार के नए विकल्प खुल रहे हैं। इस बारे में मंडीदीप इंडस्ट्रीयल एसोसिएशन अध्यक्ष राजीव अग्रवाल का कहना है ‎कि मंडीदीप में बड़ी कंपनियों के उद्योगों में बड़े ऑर्डर मिल रहे हैं। इससे कंपनियां अब बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराएंगी। ट्रैक्टर, आइटी समेत अन्य कंपनियां नौकरियां देंगी। इससे युवा समृद्ध होंगे। मंडीदीप में बर्तन, कपड़ा से लेकर ट्रैक्टर समेत लगभग सभी प्रकार के कारखाने हैं। वहीं गोविंदपुरा इंडस्ट्रीयल एसोसिएशन के  अध्यक्ष अमरजीत सिंह का कहना है कि मजदूरों की मदद से ही उद्योगों से जुड़ी तमाम मुश्किलों से पार पाया है। वर्तमान में अर्थव्यवस्था पटरी पर लौट आई है। इससे बेरोजगारों के लिए रोजगार के नए विकल्प खुल रहे हैं। इससे वे समृद्ध हो सकेंगे।