भोपाल : मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 'कोरोना के कारण मैं अपनी विशेष पिछड़ी जनजाति की बहनों से प्रत्यक्ष नहीं मिल पा रहा हूँ। बहन-भाई की आज वर्चुअल मुलाकात हो रही है। प्रदेश में कोरोना का विकट संकट है, पर सरकार व्यवस्थाओं में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेगी। हर गरीब, मध्यम वर्ग का भी कोरोना का निजी अस्पतालों में फ्री इलाज किया जा रहा है। हर गरीब को सरकार पाँच माह का नि:शुल्क राशन दे रही है। बहनों, किसी बात की चिंता मत करना, परन्तु पूरी सावधानी रखना।'

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज निवास से आहार अनुदान योजना के अंतर्गत सिंगल क्लिक के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजाति महिलाओं के लिए बैगा, भारिया तथा सहरिया जनजाति की 2 लाख 18 हजार 593 महिलाओं को 21 करोड़ 85 लाख 93 हजार रूपए की राशि अंतरित की। साथ ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से महिलाओं को संबोधित किया। अनुसूचित जाति, जनजाति कल्याण मंत्री सुश्री मीना सिंह भी वर्चुअली शामिल हुईं।

पौष्टिक आहार के लिए दी जाती है राशि

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि इस योजना में विशेष पिछड़ी जनजाति की महिलाओं को प्रति माह एक-एक हजार रूपए की राशि पौष्टिक आहार के लिए दी जाती है। राशि का अंतरण हर माह की 10 तारीख तक महिलाओं के खातों में हो जाता है।

बहने चार बातों का रखें ध्यान

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बहनों को कोरोना के प्रति पूरी सावधानी बरतने की सलाह दी। बहने चार बातों का ध्यान रखें, मास्क जरूर लगाएँ, एक-दूसरे के बीच दूरी रखें, बार-बार हाथ धोएँ तथा जब तक बहुत जरूरी न हो घर से बाहर न निकलें।

गाँव में आने-जाने न दें

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि गाँव से बाहर न जाएँ तथा गाँव में किसी व्यक्ति को आने न दें। यदि कोई व्यक्ति आता है तो पहले उसकी स्वास्थ्य जाँच हो तथा उसे कुछ दिन केलिए अलग रखा जाए। शादी-विवाह एवं कोई भी आयोजन नहीं करना है।

सर्वे दल घर आएगा, बीमारी छुपाएँ नहीं बताएँ

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आपके घर सर्वे दल आएगा, किसी को यदि सर्दी, जुकाम, बुखार, खाँसी आदि बीमारी हो तो छुपाएँ नहीं, बताएँ। दल आपको फ्री दवाई देगा और आप स्वस्थ हो जाएंगी। इस बीमारी को छुपाना जानलेवा हो सकता है।