सिंधिया बोले- जितनी चिंता अब है, काश! उतनी तब होती जब मैं कांग्रेस में था

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 18 साल कांग्रेस में रहने के बाद मार्च 2020 में पार्टी के खिलाफ बगावत कर भाजपा का दामन थाम लिया था। उन्होंने मध्यप्रदेश में कांग्रेस की कमलनाथ सरकार भी गिरा दी थी। तब कांग्रेस के करीब 22 विधायक पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे।
राहुल गांधी ने कहा था कि सिंधिया अब भाजपा में पीछे बैठते हैं, अगर वे आज होते तो सीएम बन गए होते
गृहमंत्री मिश्रा ने कहा- कांग्रेस को समझ में आ गया कि सिंधिया के बिना वह MP में शून्य हैं, राजस्थान में पायलट को सीएम बना दें

राज्यसभा में भाजपा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल को जितनी चिंता अब है, काश उतनी चिंता तब की होती, जब मैं कांग्रेस में था। इससे ज्यादा मुझे कुछ नहीं कहना। इससे पहले मध्यप्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा था कि कांग्रेस को समझ में आ गया कि MP में कांग्रेस सिंधिया के बिना शून्य है। अब अगर सिंधिया की इतनी चिंता है, तो फिर एक प्रयोग कर राजस्थान में सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बना दें।

क्या कहा था राहुल ने?

राहुल ने सोमवार को कांग्रेस संगठन के महत्व के बारे में पार्टी के यूथ विंग से बात करते हुए कहा था कि अगर सिंधिया कांग्रेस में होते तो आज CM बन गए होते। मैंने उन्हें इंतजार करने को कहा था, लेकिन उन्होंने मेरी नहीं सुनी। आज भाजपा में जाकर वे बैकबेंचर हो गए हैं। मुझे पता है, वो एक दिन जरूर लौटकर आएंगे।

राहुल गांधी को याद आए सिंधिया:कांग्रेस सांसद बोले- BJP में बैकबेंचर बन गए हैं ज्योतिरादित्य, कांग्रेस में रहते तो CM बन गए होते; पता है एक दिन जरूर लौटकर आएंगे
 

नरोत्तम ने भी राहुल पर साधा निशाना

नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि दो साल में जो लोग कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं बना पाए। वे मुख्यमंत्री बनाने की कोशिश कर रहे हैं। सिंधिया को दूल्हा बनाकर मुख्यमंत्री के रूप में पेश कर दिया। पूरे मध्यप्रदेश में चुनाव लड़ा, सिंधिया के चेहरे पर। जैसे ही सरकार बनी तो बुजुर्ग से भांवरे कर दीं। कहा कि 11 दिन में कर्जा माफ कर देंगे। 15 दिन में कर्जा माफ कर देंगे, नहीं तो मुख्यमंत्री बदल देंगे। उन्होंने नहीं बदला, तो हमें बदलना पड़ा।

उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और दिग्विजय दोनों ने जवान साबित करने की कोशिश में पूरी कांग्रेस को बूढ़ा कर दिया। सागर में एक बार मंच से बोले अभी मैं जवान हूं। उमर हो गई तो क्या बात है। महिला दिवस पर ऐसी बातें। पता नहीं उन्हें क्यों शोभा देती हैं। मुझे तो शोभा नहीं देतीं।

सिंधिया ने मार्च 2020 में छोड़ी थी कांग्रेस, 18 साल पार्टी में रहे

सिंधिया ने 18 साल कांग्रेस में रहने के बाद मार्च 2020 में पार्टी के खिलाफ बगावत कर भाजपा का दामन थाम लिया था। उन्होंने मध्यप्रदेश में कांग्रेस की कमलनाथ सरकार भी गिरा दी थी। तब कांग्रेस के करीब 22 विधायक पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे। सिंधिया ने इन विधायकों का इस्तीफा करवाया और आखिरकार कमलनाथ को मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़नी पड़ी। सिंधिया फिलहाल भाजपा से राज्यसभा के सांसद हैं। वहीं, उनके समर्थक विधायक मध्ययप्रदेश की भाजपा सरकार में मंत्री और विधायक हैं।