झज्जर । बहादुरगढ़ में किसान आंदोलन में शामिल लोगों ने एक व्यक्ति को जिंदा जला दिया है। इस घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने घटना स्थल का मुआयना किया और शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है। मृतक की पहचान कसार गांव निवासी मुकेश के रुप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को मुकेश ने किसान आंदोलन में शामिल 4 लोगों के साथ आंदोलन स्थल पर ही शराब पी थी। इस दौरान उनके बीच झगड़े हो गया और फिर आरोपियों ने तेल छिड़क कर मुकेश को आग हवाले कर दिया। 
बताया जा रहा है कि आग लगने के बाद मुकेश को बहादुरगढ़ के सामान्य अस्पताल लाया गया था। मगर, मुकेश आगे में 90 प्रतिशत झुलसे गया था। इस वजह से उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। ग्रामीणों ने किसानों पर उन्हें परेशान करने का आरोप लगाया है। वहीं परिजनों ने मृतक का शव लेने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि पीड़ित परिवार को मुआवजा और सरकारी नौकरी और सुरक्षा की सरकार गारंटी दे। वहीं आंदोलनकारी किसानों को भी गांव से दूर बसाने की मांग की गई। डीएसपी पवन कुमार मौके पर परिजनों को समझाने में जुटे हुए हैं। वहीं पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में गांव कसार निवासी मदन लाल पुत्र जगदीश ने बताया कि मेरा भाई मुकेश बुधवार शाम लगभग 5 बजे घर से घूमने के लिए निकला था। जहां पर वो किसान आन्दोलनकारियों के पास पहुंच गया। मुझे फोन कॉल से पता चला कि भाई पर आंदोलनकारियों ने जान से मारने की नीयत से तेल छिड़ककर आग लगा दी। 
जगदीश ने बताया कि जानकारी मिलते ही मैं तुरंत पूर्व सरपंच टोनी को लेकर मौके पर पहुंचा तो मेरा भाई मुकेश गंभीर उसे झुलसा हुआ था। उसे हम तुरंत सिविल अस्पताल लेकर आए। यहां उपचार के दौरान मुकेश ने बताया कि आंदोलन में कृष्ण नामक एक व्यक्ति ने पहले शराब पिलाई और फिर उसे आग लगा दी। इससे वह बुरी तरह झुलस गया। सिविल अस्पताल में गंभीर रूप से झुलसे मुकेश को चिकित्सकों ने रेफर कर दिया। मगर परिजन उसे ब्रह्मशक्ति संजीवनी अस्पताल लेकर गए। वहां रात को ही उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।