भोपाल ।  मध्यप्रदेश के सभी जिलों में मिलाकर सिर्फ एक लाख डोज गुरुवार को मिले हैं। कम डोज मिलने से कोरोना से बचाव के टीका की किल्लत हो गई है। एक लाख का उपयोग प्रदेश में दो ‎दिनों तक करना है यानि की इसे शनिवार और सोमवार को टीकाकरण में इस्तेमाल किया जाएगा। ऐसे में हर दिन करीब 50 हजार लोगों को ही टीका लग पाएगा, जबकि पर्याप्त टीका उपलब्ध होने की स्थिति में रोज सवा लाख से डेढ़ लाख डोज लग रहे थे। डोज कम होने की वजह से स्वास्थ्य विभाग ने तय किया है पहला डोज लगाने के खातिर ऑनलाइन बुकिंग के कम स्लॉट खोले जाएंगे। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के एक अधिकारी ने बताया कि शनिवार को करीब ढाई लाख डोज मिलने वाले हैं। इनका उपयोग सोमवार के बाद टीकाकरण के लिए किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 18 से 44 साल और 45 साल के ऊपर वालों के लिए मिलने वाले टीका का उपयोग एक-दूसरे लिए किया जा रहा है। इसका फायदा यह है कि टीका की किसी उम्र वर्ग के लिए अधिकता को किसी के लिए किल्लत न हो।  भोपाल में गुरुवार को टीका के सिर्फ डेढ़ हजार डोज बचे थे। शुक्रवार को 18 हजार डोज मिले हैं। इसमें कौवैक्सीन के 6300 डोज विशेष तौर पर दूसरा डोज लगाने के लिए मिले हैं। बाकी वैक्सीन में कुछ को पहला तो कुछ को दूसरा डोज लगाया जाएगा। 18 से 44 साल में पहला डोज में सिर्फ कोविशील्ड लगाई जाएगी। पहला और दूसरा डोज मिलाकर करीब 160 केंद्र बनाए जाएंगे। इसके अलावा करीब 27 मोबाइल टीमें भी बनाई जा रही हैं।एनएचएम की मिशन संचालक छवि भारद्वाज ने बताया कि कोविशिल्ड टीका के लिए सीरम इंस्टीट्यूट को अभी तक 37 करोड़ रुपए के टीका खरीदने के आर्डर दिए हैं। इसमें 11 लाख डोज आना अभी बाकी है। इसी तरह से भारत बायोटेक को को-वैक्सीन के लिए दिए आर्डर में ढाई लाख डोज आना अभी बाकी है। 21 जून के बाद से सभी उम्र वर्ग के लोगों को भारत सरकार की तरफ से टीका मिलेगा। ऐसे में प्रदेश सरकार को 21 जून के पहले कोविशील्ड और कोवैक्सीन के मिलाकर साढ़े 13 लाख डोज मिल जाएंगे।