नई दिल्ली । भारतीय कंपनियों ने जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान 22 आरंभिक सार्वजनिक निर्गमों (आईपीओ) के माध्यम से 2.5 अरब डॉलर जुटा ‎लिए हैं। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि देश के पूंजी बाजार में तेजी की वजह से कंपनियों ने आईपीओ बाजार में कदम रखा और यह रुख चालू तिमाही के दौरान भी जारी रहने की संभावना है। एक रिपोर्ट के अनुसार 2021 की पहली तिमाही में उपभोक्ता उत्पाद और खुदरा, विविधीकृत औद्योगिक उत्पाद, ऑटोमोटिव और परिवहन क्षेत्र की कंपनियों ने आईपीओ लाने में रुचित दिखाई। ये आईपीओ मुख्य के अलावा लघु एवं मझोले उपक्रम (एसएमई) के लिए विशेष रूप से स्थापित बाजार मंचों में लाए गए। रिपोर्ट में कहा गया है कि पहली तिमाही में आईपीओ बाजार अच्छा रहा है और यह रुख दूसरी तिमाही में भी जारी रहने की उम्मीद है। 2021 में आईपीओ की संख्या के हिसाब से भारत वैश्विक स्तर पर नौवें स्थान पर है। पहली तिमाही में 22 आईपीओ के जरिए कंपनियों ने कुल 257.04 करोड़ डॉलर जुटाए। इनमें से पांच आईपीओ एसएमई क्षेत्र के थे। पहली तिमाही में 63.4 करोड़ डॉलर के साथ इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन (आईआरएफसी) का आईपीओ सबसे बड़ा रहा। 
मुख्य बाजार बीएसई और एनएसई में 2021 की पहली तिमाही में 17 आईपीओ आए। 2020 की पहली तिमाही में एक और चौथी तिमाही में 10 आईपीओ आए थे। इस तरह बीएसई और एनएसई में पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में आईपीओ में 1,600 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई जबकि चौथी तिमाही की तुलना में 70 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। एसएमई खंड में पहली तिमाही में पांच आईपीओ आए। पिछले साल की पहली तिमाही में 11 और चौथी तिमाही में नौ आईपीओ आए थे। इस तरह पिछले साल की पहली तिमाही की तुलना में एसएमई आईपीओ में 55 प्रतिशत और चौथी तिमाही की तुलना में 44 प्रतिशत की गिरावट आई।