जयपुर. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (Anti Corruption Bureau) की ओर से रिश्वत केस (Bribery case) में पकड़े गए राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) के अधिकारी बीएल मेहरड़ा और सुनील कुमार शर्मा को गहलोत सरकार ने त्वरित निर्णय लेते हुए सस्पेंड (Suspend) कर दिया है. राज्य के कार्मिक विभाग ने रविवार देर रात दोनों को सस्पेंड करने के आदेश जारी कर दिए हैं.

कार्मिक (क-3/जांच) विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार निलंबन काल के दौरान दोनों अधिकारियों का कार्यालय प्रमुख शासन सचिव कार्मिक विभाग रहेगा. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने 11 अप्रैल को अजमेर रेवेन्यु बोर्ड के दोनों अधिकारियों को और दलाल शशिकांत को रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था. दोनों अधिकारी फिलहाल एबीसी की रिमांड पर हैं.

करीब 80 लाख रुपये नकद बरामद हुये थे

राजस्थान प्रशासनिक सेवा के इन दोनों अधिकारियों और दलाल के खिलाफ की गई कार्रवाई में एसीबी को करीब 80 लाख रुपये नकद बरामद हुये थे. एसीबी के दोनों अधिकारियों के पकड़े जाने के बाद रेवेन्यू बोर्ड में भ्रष्टाचार के और भी कई मामलों में के खुलासे की उम्मीद है. दोनों अधिकारी रेवेन्यू बोर्ड में लंबित मामलों में फैसले बदलने के एवज में मोटी रिश्वत लेते थे. पकड़े गये अधिकारियों में सुनील कुमार शर्मा 1994 और बीएल मेहरड़ा 1996 बैच के अधिकारी हैं.

एसीबी की दूसरी बड़ी कार्रवाई

एसीबी की ओर से इस वर्ष राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों पर की गई है यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है. इससे पहले इस साल की शुरुआत में दौसा के उपखंड अधिकारी पुष्कर मित्तल और बांदीकुई की उपखंड अधिकारी पिंकी मीणा को एसीबी ने रिश्वत केस में गिरफ्तार किया था. उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जांच एजेंसी एसीबी को खुली छूट प्रदान कर रखी है. एसीबी ने हाल ही में दौसा के तत्कालीन SP मनीष अग्रवाल को भी रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार किया था. एसीबी भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाइयां करने में जुटी है.