जयपुर । राजस्‍थान की गहलोत सरकार ने रिश्वत के बदले अस्मत मांगने के मामले में आरपीएस कैलाश चंद्र बोहरा को राजकीय सेवा से बर्खास्त कर दिया है। बोहरा फिलहाल न्यायिक अभिरक्षा में है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने विधानसभा में आरपीएस कैलाश बोहरा को बर्खास्त करने की घोषणा की थी, लेकिन बाद में आरपीएस बोहरा को अनिवार्य सेवानिवृत्ति के आदेश जारी किए। इसको लेकर काफी चर्चा रही। तब सरकार ने बोहरा को बर्खास्त करने का प्रस्ताव विधिवत रूप से राज्यपाल को भिजवाया था। गृह विभाग ने इस संबंध में राज्यपाल को प्रस्ताव भेजा था। सूत्रों के मुताबिक, 2 अप्रैल को देर शाम को राज्यपाल ने प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर बोहरा को बर्खास्त करने की मंजूरी दे दी। गौरतलब है कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने जयपुर कमिश्नरेट में महिला अनुसंधान सैल पूर्व के प्रभारी एसीपी कैलाश बोहरा को उनके कार्यालय में युवती के साथ संदिग्ध हालात में पकड़ा था। बोहरा ने युवती द्वारा दर्ज करवाए गए मामले में कार्रवाई करने के बदले में उसकी इज्जत मांगी थी। बता दें कि बोहरा के रिश्वत में अस्मत मांगने के आरोप को रेयर ऑफ रेयरेस्ट मानते हुए सरकार ने इस पूरी कार्यवाही को अंजाम दिया। इसके तहत उनकी गिरफ्तारी के और न्यायिक अभिरक्षा में 48 घंटे बिताने पर पहले बोहरा को निलंबित किया गया। फिर सरकार ने विधानसभा में बोहरा की बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू कर देने की घोषणा की और 20 मार्च को गृह विभाग ने उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी और बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू कर दी और अब आरपीएससी के आदेश का हवाला देते हुए बोहरा को पदच्युत करने का आदेश दिया गया।