आगर मालवा. मध्य प्रदेश के आगर मालवा में कोरोना किसानों पर कहर बनकर टूट पड़ा है. यहां MSP (समर्थन मूल्य) पर गेहूं खरीद रही कुछ संस्थाओं ने कोरोना संक्रमण के शासकीय गेहूं खरीद से मना कर दिया है.

जानकारी के मुताबिक, सुसनेर क्षेत्र में हालात बेहद खराब हैं. प्राथमिक सहकारी संस्था के 2 केंद्रों के प्रबंधकों ने उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर खरीदी करने से मना कर दिया. ऐसे में इन केंद्रों पर पंजीकृत किसानों के सामने गेहूं की फसल बेचने का संकट पैदा हो गया. बताया जाता है कि जिले अन्य सोसाइटीज ने भी खरीदी बंद करने के पत्र उच्च अधिकारियों को सौंप दिए हैं.

27 मार्च से शुरू हुई थी खरीदी

गौरतलब है कि 27 मार्च से शासन के द्वारा पूरे प्रदेश में MSP (समर्थन मूल्य) पर गेहूं की खरीदी शुरू की गई थी. तब से लेकर अभी तक जिले के सभी उपार्जन केंद्रों पर गेहूं की खरीदी की जा रही थी, लेकिन धीरे-धीरे अब कोरोना संक्रमण का असर इन खरीदी केंद्रों पर पहुंच चुका है. इसके चलते अब अधिकांश उपार्जन केन्द्रों पर सोमवार से गेहूं की खरीदी बंद की जा रही है.


भोपाल में इस तरह है कोरोना की हालत

मध्‍य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक बार फिर कोरोना सस्पेक्ट के मौत के मामले बढ़ने लगे हैं. रविवार को एक दिन में 112 शवों का कोविड प्रोटोकॉल के साथ अंतिम संस्कार होने से दहशत का माहौल बन गया है. बता दें कि 18 अप्रैल को मिले 17 तारीख के आंकड़ों के अनुसार, शहर के मुख्य विश्राम घाट और कब्रिस्तान में कोरोना प्रोटोकॉल के तहत 92 लोगों का अंतिम संस्कार किया गया था. हालांकि, सरकारी आंकड़ों में कोरोना से 3 मौत होना बताया गया था. इन आंकड़ों को देखकर यह लग रहा था कि अब अस्पतालों में बेड के साथ ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता धीरे-धीरे होने लगी है, लेकिन एक बार फिर सरकार के सभी दावे इन मौतों के आंकड़े के आगे फेल साबित हो गए हैं.

ताजा आंकड़ों के अनुसार, 18 अप्रैल को 112 शवों का कोविड प्रोटोकॉल के अंतिम संस्कार साथ किया गया. सबसे ज्यादा शवों का अंतिम संस्कार भदभदा विश्राम घाट में हर बार की तरह किया गया. भदभदा विश्राम घाट में 68 और सुभाष विश्राम घाट में 32 शकों का अंतिम संस्कार किया गया, जबकि झदा कब्रिस्तान में 12 शवों को दफनाया गया. वैसे सरकारी आंकड़ों के अनुसार कोरोना से 5 मौत होना बताया गया है.