इंदौर. राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के साल भर पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने की पृष्ठभूमि में वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की ताजा टिप्पणी पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chouhan)ने तंज कसा है. उन्‍होंने कहा, 'राहुल की ट्यूबलाइट देर से जलती है.'

बता दें कि राहुल गांधी ने भारतीय युवा कांग्रेस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में कहा था कि सिंधिया भाजपा में रहकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कभी नहीं बन सकेंगे और उन्हें लौटकर कांग्रेस में ही आना होगा. इस पर शिवराज सिंह चौहान ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'जब ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस में थे, तब राहुल कहां गए थे और उन्हें क्या हो गया था? इसलिए मैं कहता हूं कि राहुल की ट्यूबलाइट देर से जलती है.'

शिवराज ने लगाया कांग्रेस पर बड़ा आरोप
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह भी कहा कि कांग्रेस ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ 'अन्याय' से बरसों पहले उनके पिता माधवराव सिंधिया (अब दिवंगत) के साथ भी 'अन्याय' किया था. उन्हें मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री नहीं बनने दिया था. उन्‍होंने राहुल पर निशाना साधा, 'जब ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस के साथ थे, तो वह उन्हें लात मारते थे और जब वह कांग्रेस से बाहर चले गए, तो उन्हें इशारे से बुला रहे हैं.'
सिंधिया बनाम राहुल गांधी

राहुल गांधी के बयान का खुद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जवाब दिया. सिंधिया ने कहा कि काश उनको उनकी इतनी चिंता तब होती जब वह कांग्रेस में थे. बता दें कि राहुल गांधी ने कहा था कि ज्योतिरादित्य सिंधिया बीजेपी में बैकबेंचर बनकर रह गए हैं. वह अगर कांग्रेस में होते तो मुख्यमंत्री होते, लेकिन बीजेपी में वह पीछे बैठने वाले यानी बैकबेंचर बनकर रह गए हैं. उन्‍होंने ये भी कहा था कि सिंधिया के पास कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर संगठन को मजबूत बनाने का विकल्प था. मैंने उनसे कहा था कि आप एक दिन मुख्यमंत्री बनेंगे, लेकिन उन्होंने दूसरा ही रास्ता चुना. कांग्रेस नेता ने ये भी कहा है कि आप लिख लीजिए, वहां वह कभी मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे. उसके लिए उन्हें यहां वापस आना होगा.

गौरतलब है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया की सरपरस्ती में कांग्रेस के 22 बागी विधायकों के विधानसभा से त्यागपत्र देकर भाजपा में शामिल होने के कारण कमलनाथ नीत कांग्रेस सरकार को मार्च 2020 में सत्ता से रुखसत होना पड़ा था. इस बड़े दल-बदल के तुरंत बाद शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में भाजपा सूबे की सत्ता में लौट आई थी.