बिलासपुर । सेंट्रल यूनिवर्सिटी में भी श्रम कानूनों का पालन नही हो रहा।गुरुघासीदास विश्वविधालय कर्मचारी/ अध्यापनेत्तर/  एसोसिऐशन ने कुलपति को ठेका कम्पनी आइडिया इंक मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ लिखत शिकायत की है। जिसममें राजधानी ठेका कम्पनी के संचालको के विरुद्ध विधिक कारवाही की मांग की गई है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश सोनी के मुताबिक सेंट्रल यूनिवर्सिटी में सफाई और सुरक्षा के लिए राजधानी रायपुर की प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी ने कर्मचारियों की नियुक्ति की है। यहाँ 300-350 सुरक्षा गार्ड और सफाई कर्मी सालों से सेवा दे रहे। इन कर्मियों को नियमानुसार/ विश्वविद्यालय द्वारा न तो निर्धारित दर पर पारिश्रमिक का भुगतान किया जा रहा न भविष्यनिधि की राशि जमा की जा रही। यह श्रम कानून के विपरीत एवम शोषण प्रतीत हो रहा है। इस तरह का कृत्य असंवैधानिक और नियम विरुद्ध है। अत: इस मामले की तत्काल जांच करा कम्पनी के संचालकों पर विधिक कारवाही करने की मांग की गई है।
किस काम का ऐसा श्रम विभाग
कानून है, श्रम विभाग को इसका पालन कराने की जिम्मेदारी दी गयी है। सारे नियम कायदे भी तय है कि 10 से अधिक कर्मचारी जिस संगठन में काम कर रहे उन्हें क्या करना है। यही हकीकत है न इस कार्य के लिए प्रयुक्त विभाग के अफसर ये सब देख सुन पाते न अमला। विभाग के पास तो आंकड़ा तक नहीं होगा किस संस्थान में कितने कर्मचारी/श्रमिक कार्यरत है। सवाल यह उठता है कि फिर इतने बड़े और महत्वपूर्ण विभाग का महत्व ही क्या है। जो श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए बनाया गया है।
इनको भेजी गई प्रति
एसोसिएशन के मुताबिक आइडिया इक मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ कुलपति से की गई शिकायत की प्रति श्रम कल्याण मंत्रालय भारत सरकार । आयुक्त भविष्य निधि रायपुर। यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार और फायनेंस ऑफिसर को भी भेजी गई है।