कोलकाता । पश्चिम बंगाल चुनाव से ठीक पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। टीएमसी की कैंडिडेट लिस्ट में नाम न होने से खफा तृणमूल कांग्रेस की विधायक सोनाली गुहा ने सख्त तेवर अपना लिए हैं और वह भारतीय जनता पार्टी का दामन थामने वाली हैं। दक्षिण 24 परगना से चार बार की विधायक रहीं सोनाली गुहा ने कहा कि अगर ममता दीदी मुझे छोड़ सकती हैं तो फिर मैं क्यों नहीं उन्हें छोड़ सकती। कभी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की करीबी सहयोगी रहीं और पार्टी से चार बार की विधायक सोनाली गुहा को शुक्रवार को जब यह पता चला कि उन्हें इस बार टिकट नहीं दिया गया है तो वह रोने लगी थीं। सतगछिया से विधायक गुहा ने कहा कि वह भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल रॉय से बात करेंगी और अपने भविष्य को लेकर आगे की रणनीति तय करेंगी। सोनाली गुहा ने कहा कि हो सकता है मेरी उपयोगिता टीएमसी में खत्म हो गई हो...मेरा फोन रातभर स्विच ऑफ रहा। उससे एक रात पहले मैं दीदी के फोन का इंतजार करती रही, मग उन्होंने एक बार भी मुझसे बात नहीं की। मुझे टिकट क्यों नहीं दिया गया और किन परिस्थितियों में मेरा नाम काटा गया, कम से कम उन्हें एक बार बताना तो चाहिए था। मुझे बुरा नहीं लगता। मगर मुझे विश्वास में नहीं लिया गया। सोनाली ने कहा कि अब मैं अपना सौ फीसदी भाजपा को दूंगी, जैसा कि मैंने टीएमसी के लिए अतीत में किया है। मैं इस बार चुनाव नहीं लड़ूंगी, मगर मैं नई पार्टी (भाजपा) के लिए काम करना चाहती हूं। जहां मेरी जरूरत होगी, वहां मैं भाजपा की कैंपेनिंग के लिए जाऊंगी। उन्होंने कहा कि मैं शुरुआत से ही ममता बनर्जी के साथ थी, मगर अब मुझे अपने राजनीतिक भविष्य के बारे में सोचना होगा। गुहा ने कहा, 'राजनीतिक शख्सियत होने के चलते मैं एक सम्मानजनक पद की इच्छा रखती हूं।' उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी के भतीजे और तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर के प्रतिनिधियों ने उनसे शनिवार सुबह संपर्क किया था। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस खेमे से किसी ने संपर्क नहीं किया।